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मोड़ के उस पार
अवतार सिंह, दिल्ली में ही अपने एक पुराने, सीलन और यादों से भरे मकान में अकेले रहता है।
उस घर के पुराने दरवाज़े पर जंग लगे लोहे की घंटी है, जो अब बहुत कम बजती है। अंदर की दीवारों पर कुछ पुरानी तस्वीरें लटकी हैं — बेटी कि शादी की, एक तब कि जब बेटी स्कूल में थी, और एक मुस्कुराती हुई तस्वीर उनकी पत्नी की — जो अब जीवित नहीं रहीं।
Jolly Vijay
Sep 46 min read


मैत्रीच्या सावल्या
गावाचं नाव होतं केरळवाडी. एक छोटसं, हिरवंगार गाव. कडेला डोंगर, खाली वाहणारी नदी, आणि गावातून जाणाऱ्या वाऱ्याला गंध असायचा – कधी शेताच्या मातीचा, कधी केळीच्या फुलांचा, तर कधी पावसात भिजलेल्या गवताचा.
Anaya Kumar
Sep 15 min read


अनकही रेखा
कलम और रंग जब मिल जाते हैं,
दिल के जख्म भी सिल जाते हैं।
दोस्ती की रेखा कभी टूटती नहीं,
बस वक्त के पन्नों में छुप जाती है कहीं
Jyotsna Kumari
Sep 12 min read


Love for Writing
With pen in hand and paper blank,
Monica
Mar 5, 20231 min read
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